एक-दूजे के हुए 358 जोड़े, विधायक ने किया कन्यादान

बलिया। श्री नाथ बाबा व रोशन शाह की सरजमीं पर गुरुवार को अपार जनसैलाब देखने को मिला। जिधर भी नजर घूम रही थी,उसी ओर सामूहिक विवाह देखने की ललक लिये लोगों की लम्बी कतारें नजर आ रही थी। अपार भीड़ में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की मंशा विवाह स्थल पर पहुंचकर शाही शादी’ को अपनी नजरों में कैद करने के साथ-साथ उसकी गवाह बनने की रही। जनपद के चारों दिशाओं से विवाह में शामिल वर-वधू के अलावा बारातियों-घरातियों की संख्या न भूतो न विष्यति’ को चरितार्थ कर रही थी। रसड़ा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के प्रयासों से गरीब 358 जोड़ा वर-वधू को एक साथ एक ही मंच पर विवाह के समस्त संस्कारों को करने का मौका मिला। काशी से आये प्रधान आचार्य मथुरा प्रसाद शास्त्री की अगुवाई में 11 ब्राह्मणों ने पूरे विधि विधान से इस सामूहिक शादी को सम्पन्न कराया। गौरी-गणेश पूजन से लेकर द्वारचार तक की छटा अपने आप में निराली थी। समस्त वैवाहिक कार्यक्रमों को विधायक अपने ही कर कमलों द्वारा सम्पादित करते नजर आये। यहां तक की बीच-बीच में उमड़ीभीड़ से उत्पन्न हुए व्यवधान को नियंत्रित करने का वीणा भी स्वयं उमाशंकर सिंह ने ही संभाल रखा था। सामूहिक विवाह के इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल कुल 358 जोड़ों में तकरीबन300 हिन्दू जोड़ें को हिन्दू रीति-रिवाज से शादी कराई गयीवहीं शेष मुस्लिम वर-वधू को इस्लामी व्यवस्था के तहत निकाह कराया गया। इतने बड़े आयोजन में समस्त कार्यक्रमों को सिलसिलेवार होते देख उपस्थित लोगों ने दांतों तले अंगुली दबा ली। किसी ने यह सोचा भी नहीं होगा कि इन गरीब कन्याओं की शादी इतने वृहद पैमाने पर शादी अंदाज में कभी सम्पन्न भी हो सकती है। जहां करीब पांच लाख लोगों के भोजन की व्यवस्था थीवहीं आयोजन स्थल पर पहुंचे समस्त लोगों को किसी प्रकार की कोई कठिनाई न होइसकी भी पूरी व्यवस्था अपनी अगुवाई में विधायक ने अपने वैलेंटियर्स को सौंप रखी थी। शाही शादी को शाही अंदाज में सम्पन्न कराने के लिए वहां पहुंचे लोगों के मनोरंजन की भी भव्य व्यवस्था की गयी थी। भोजपुरी संगीत के एक से एक नायक अपनी कला का प्रदर्शन कर लोगों को लुफ्त उठाने को मजबूर कर रहे थे तो वहीं यह चर्चा भी हो रही थी कि शादी शादी का हर पहलू शाही अंदाज में ही आयोजित किया गया है। श्रीनाथ बाबा मठ के दूसरे छोर पर छोर पर मुम्बई से आये अदाकारों में मुख्य रूप से रवि किशनखेसारी लाल यादवमोहन राठौरमोहिनी पांडेय और निशा पांडेय ने अपनी सुमधुर संगीत व अदाओं से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रीनाथ बाबा मठ में आयोजित 358 सामूहिक शादियों की व्यता को देखने के लिए जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक अपने आप को नहीं रोक पाये। शादी समारोह में शामिल अधिकारी द्वय ने न सिर्फ इसकी व्यता को बढ़ायाअपितु वर-वधू को आर्शीवाद देउन्हें कृतार्थ भी किया। इस दौरान इनकी उपस्थिति इस व्य शादी के गवाह के रूप में भी स्वीकार की गयी। इसके अलावा इस शादी समारोह में एडीएम केपी सिंह,एएसपी केसी गोस्वामीबीएसए डॉ. राकेश सिंह आदि अधिकारीभी इस शादी की निगाहबानी करते नजर आये। उधरलोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह ने शादी समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस शादी का मुख्य उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि गरीब लड़के और लड़कियों की शादी भी भव्यता को प्राप्त कर सकती है। उन्हें इस बात का मलाल नहीं होना चाहिए कि आर्थिक तंगी और सामाजिक पिछड़ेपन उनकी खुशियों में बाधक बन रहा है। एक प्रश्न के जबाब में विधायक ने कहा कि बड़े घरानों की शादी में लम्बे-चौड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस बात को ध्यान में रखकर ही मैने भोजपुरी के महान कलाकारों को यहां आमंत्रित किया। विवाहोत्सव में वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए महाकुंभ’ जैसीभीड़ उमड़ी हुई थी। सबकी इच्छा थी कि वे वर-वधू के पास पहुंचकर उन्हें आशीर्वाद देलेकिन भीड़ के इस महाकुं में अधिकतर लोग फंस गये। विधायक के वालेंटियर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए भीड़ को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास करते रहेलेकिन उमड़े जनसैलाब के सामने वे भी वेवश दिखे। लाखों की भीड़ की वजह से घंटों तक वर-वधू को विवाह मंडप तक पहुंचने में जद्दोजहद करनी पड़ी। श्रीनाथ बाबा मठ के मुख्य द्वार से विवाह मंडप की ओर 358 दुल्हों की लंबी लाइन लगी हुई थी और उनके साथ परिजन व रिश्तेदार भी चल रहे थे। द्वारपूजा के दौरान दूल्हें भी जाम में फंस गये। उन्हें एक-एक कर किसी तरह से मंडप की ओर पहुंचाया गया। वहींदूसरी तरफ कतारबद्ध तरीके से 358 दुल्हन के आगे-आगे विधायक उमाशंकर सिंह उन्हें लेकर विवाह मंडप पहुंचे। यह दृश्य देख सभी ने उनका स्वागत किया। भीड़ इतनी थी कि दुल्हनों को भी मंडप तक पहुंचने में काफी समय लग गया। वर-वधू को देखने पहुंची भीड़ किसी तरह मंडप स्थल तक पहुंचना चाह रही थी। इसके चलते दूल्हा-दुल्हन को देने के लिए रखे गये सामानों पर भी कुछ लोग गिर पड़े। आयोजन समिति ने भीड़ को रोकते हुए सामानों को सुरक्षित किया। वालेंटियर सहित पुलिस प्रशासन बार-बार भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहेलेकिन भीड़ पर काबू पाना संभव नहीं दिख रहा था। अंतत: अनियंत्रित भीड़ को नियंत्रित करने का वीणा स्वयं विधायक ने उठाया। उनकी अपील पर न सिर्फ कुछ देर के लिए नियंत्रित हुईबल्कि उनके सम्मान में स्वयं भी वालेंटियर्स बन गयी।

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