जम्मू कश्मीर: सरकार के सस्पेंस के बीच BJP से हाथ मिलाने को तैयार फारुक अब्दुल्ला



नई दिल्ली: पीडीपी बीजेपी गठबंधन के जारी रहने पर अनिश्चितता बने रहने के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ मिलकर राज्य में सरकार के गठन के लिए तैयार है. फारूक ने कहा कि यदि ऐसा प्रस्ताव आता है तो नेशनल कांफ्रेंस कार्य-समिति की बैठक बुलाएगी और इस पर चर्चा करेगी. नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक से जब पूछा गया कि पार्टी को अगर भाजपा की तरफ से गठबंधन सरकार बनाने का प्रस्ताव मिलता है तो उनका क्या रूख होगा, जिस पर वह जवाब दे रहे थे. विधानसभा में पार्टी के 15 सदस्य हैं.

पीडीपी ने बुलाई बैठक
फारूक अब्दुल्ला के नए रुख के बाद राज्य में सरकार के गठन पर गतिविधियाँ और तेज हो गई हैं. इसी बीच पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आज अपनी पार्टी के विस्तारित कोर ग्रुप की बैठक बुलायी है. बैठक महबूबा मुफ्ती के घर पर दोपहर 2 बजे होगी. इस बैठक में आगे के कदम और बीजेपी के साथ गठबंधन करने के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा. बैठक में पार्टी सांसदों, पूर्व मंत्रियों एवं पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है.

अपने पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की सात जनवरी को हुई मृत्यु के बाद महबूबा पहली बार पार्टी बैठक की औपचारिक रूप से अध्यक्षता करेंगी. पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार ने एक मार्च से सईद के निधन तक राज्य में शासन किया था. चूंकि इस गठबंधन ने सरकार गठन का दावा नहीं किया इसलिए आठ जनवरी को राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया गया.

बीजेपी इस बात पर कायम है कि पीडीपी को अपने विधायक दल के नेता का चुनाव कर पहला कदम उठाना पड़ेगा उसके बाद ही वे राज्य में सरकार गठन के लिए क्षेत्रीय पार्टी को समर्थन दे सकते हैं. उधर पीडीपी का कहना है कि वह अपना अगला कदम तय करने से पहले बीजेपी के साथ 10 महीने के गठबंधन के एजेंडे के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी.

पूर्व मुख्यमंत्री और अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के सात जनवरी को हुए निधन के बाद महबूबा ने पीडीपी के ‘विस्तारित कोर समूह’ की बैठक बुलाई है जिसमें सरकार बनाने पर पार्टी के अंदर मंथन होगा.

पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने पीटीआई से कहा, ‘‘पीडीपी अध्यक्ष ने पार्टी के विस्तारित कोर समूह की बैठक कल दोपहर अपने घर पर बुलाई है.’’ उन्होंने कहा कि जिन लोगों को बैठक में आमंत्रित किया गया है उनमें पार्टी के सांसद, पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं.

राज्य में नौ जनवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है क्योंकि न तो पीडीपी न ही बीजेपी ने सरकार गठन का दावा किया है. बैठक इस परिप्रेक्ष्य में बुलाई गई है कि महबूबा भाजपा के साथ कई मुद्दों पर नाराज हैं. विधानसभा चुनावों में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद मुफ्ती ने बीजेपी से गठबंधन कर दस महीने तक सरकार चलाई.

मुद्दों में सात जनवरी को दिल्ली में निधन के बाद सईद को उपयुक्त सम्मान नहीं दिए जाने से लेकर केंद्र की तरफ से राज्य को बहुत कम धन मुहैया कराया जाना शामिल है.

SOURCE - ABP NEWS

Follow by Email