IAEA की शर्तें मानने के बाद अमेरिका ने ईरान पर लगा बैन हटाया, दोनों ने छोड़े कैदी

विएना. ईरान के अमेरिकी नागरिकों को रिहा करने के कुछ घंटे के बाद ही उस पर लगे सारे बैन हटा लिए गए। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने भी कन्फर्म किया कि ईरान ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम में कटौती की बात कही है। आईएईए दुनियाभर में एटमी प्रोग्राम पर नजर रखने वाला ऑर्गनाइजेशन है।

ईरान ने कैसे लिया ये फैसला...

- पूरे यूरोप और मिडल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में एक नाटकीय दौर चला।
- ईरान ने शनिवार को आईएईए की शर्तें मानने का एलान किया। 
- इसके बाद वॉशिंगटन पोस्ट के एक रिपोर्टर जेसन रेजायन को स्विस एयरक्राफ्ट से तेहरान से भेज दिया गया।
- यही नहीं, एक और अमेरिकी सिटिजन मैथ्यू ट्रैविथिक को भी छोड़ दिया गया। ट्रैविथिक के परिवार के मुताबिक, मैथ्यू जब तेहरान में लैंग्वेज की स्टडी करने गया था, तो उसे अरेस्ट कर लिया गया था।
- अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के मुताबिक, "ईरान ने कई लोगों के हित में फैसला लिया है। मुझे आईएईए ने ईरान के एटमी प्रोग्राम में कटौती करने की जानकारी दी।"
- ईरान ने कहा कि वह तय सीमा से ज्यादा यूरेनियम नहीं बनाएगा।
- इससे पहले आईएईए ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि कैसे ईरान रूस को शिप से 98 पर्सेंट फ्यूल भेजता है।

अमेरिका ने भी छोड़े ईरान के कैदी

- ईरान द्वारा यूएस नागरिकों को रिहा करने के बाद अमेरिका ने भी ईरान के कैदियों को छोड़ दिया।
- कैरी ने ही इस बात को कन्फर्म किया कि अमेरिकी कानून तोड़ने पर कैद किए गए सात ईरानी नागरिकों को छोड़ दिया गया है।
- 14 अन्य लोगों को भी रिहा किया गया है। ये लोग इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में थे।

किसने किया अमेरिका के इस फैसले का विरोध?

- अमेरिकी प्रेसिडेंशियल इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी के दावेदार माने जा रहे डोनाल्ड ट्रम्प और मार्को रूबियो ने इसका विरोध किया है।
- उनके मुताबिक, इस तरह कैदियों को छोड़ा जाना और ईरान पर से प्रतिबंध हटाना कमजोरी को दिखाता है।
- ट्रम्प और रूबियो ने 100 बिलियन डॉलर की ईरान की प्रॉपर्टी के छोड़ने को भी गलत बताया।

हिलेरी ने की नए प्रतिबंध की वकालत
- इस बीच, डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की दावेदार हिलेरी क्लिंटन ने ईरान के हालिया बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट को लेकर नए प्रतिबंध लगाने की वकालत की है।
- उन्होंने एक स्टेटमेंट में कहा है,"ईरान ने न्यूक्लियर डील के बाद बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट कर यूएन सिक्युरिटी काउन्सिल का रेजोल्यूशन तोड़ा है।"
- उन्होंने यह भी कहा है कि अगर वह राष्ट्रपति चुनी गईं, तो ईरान के साथ सख्ती से पेश आएंगी।
- पिछले साल 11 अक्टूबर को ईरान ने लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया था।
- ईरान ने इस मिसाइल को 'इमाद' नाम दिया है। इसे शाहेब-3 मिसाइल का अपग्रेड वर्जन माना जा रहा है।

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Source - bhasker

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