विश्‍व वेटलैंड्स दिवस के अवसर पर पर्यावरण मंत्री का संदेश इस वर्ष का विषय है "वेटलैंड्स हमारे भविष्य के लिए - टिकाऊ आजीविकाएं"

कल 2 फ़रवरी 2016 को आयोजित किये जा रहे विश्‍व वेटलैंड्स (जलमयभूमि) दिवस के अवसर पर केन्‍द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्‍य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रकाश जावड़ेकर के संदेश का मूल पाठ इस प्रकार है : 

"विश्‍व वेटलैंड्स दिवस, 1971 में ईरान के शहर रामसर में वेटलैंड्स पर आयोजित सम्‍मेलन के प्रतीक स्‍वरूप पूरे विश्‍व में हर साल 2 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिवस वेटलैंड्स के संरक्षण के लिए जागरूकता पैदा करने, उसे बढ़ावा देने तथा इस बारे में सकारात्मक और स्‍वीकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया जाता है। 

जल ही जीवन है और वेटलैंड्स जीवन समर्थित प्रणालियां है, जो जलचक्र के कामकाज को सुनिश्चित करती हैं। वेटलैंड्स भूजल जलवाही का पुनर्भरण करने में मदद करते है। प्रदूषित पानी को साफ करते है, तटरेखाओं की रक्षा करते है और बाढ़ को कम करने के लिए स्‍पंज के रूप में कार्य करते हैं। 

वेटलैंड्स में जैविक विविधता और व्यापक खाद्य श्रृंखला उन्हें 'जैविक सुपरमार्केट' बनाते हैं। वेटलैंड्स जैविक, रासायनिक और आनुवंशिक सामग्री की महत्‍ता के स्रोत, सिंक और परिवर्तक के रूप में बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, वेटलैंड्स मानवता की सांस्कृतिक विरासत के रूप में महत्‍वपूर्ण योगदान देते हैं और इनका हमारी आस्‍था और प्रथाओं के साथ भी गहरा संबंध हैं। ये वास्तव में हमारी प्राकृतिक संपदा और "तरल संपत्ति" का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

इस वर्ष के वेटलैंड्स दिवस का मुख्‍य विषय है "वेटलैंड्स हमारे भविष्य के लिए - टिकाऊ आजीविकाएं"। यह विषय मछली पकड़ने, धान की खेती, पर्यटन और जल प्रावधान जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय आजीविकाएं हासिल करने के लिए वेटलैंड्स के महत्‍व पर प्रकाश डालता है। जब से सभ्‍यता की शुरूआत हुई है, वेटलैंड्स ने मानव समाज के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वेटलैंड्स प्रबंधन के बुद्धिमता उपयोग का सिद्धांत पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा निर्देशित टिकाऊ आधार पर वेटलैंड्स् के कामकाज और आजीविका के दरमियान संबंधों को समाविष्‍ट करता है। 

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय देश में वेटलैंड्स् के संरक्षण और उचित उपयोग को उच्च प्राथमिकता देना जारी रखेगा। जलीय पारिस्थितिकी के संरक्षण की राष्ट्रीय योजना (एनपीसीए) नीतिगत ढांचा उपलब्‍ध कराती है और वेटलैंड्स् के एकीकृत प्रबंधन के लिए राज्य सरकारों को सहायता प्रदान करती है। मंत्रालय ने वेटलैंड्स् के मौजूदा नियामक ढांचे में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि वेटलैंड्स् के प्रबंधन में राज्य सरकारों को बड़ी भूमिका और स्वामित्व में सक्षम बनाया जा सकें, क्‍योंकि भूमि और जल राज्‍यों के विषय हैं। राज्य वेटलैंड प्राधिकारियों को उनके क्षेत्राधिकार के भीतर वेटलैंड्स् के प्रबंधन और विनियमन की भूमिका सौंपने का प्रावधान है। 

एकीकृत और समग्र प्रबंधन में वेटलैंड्स् प्रबंधकों की क्षमता बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में बरकुल ओडिशा स्थित चिल्का विकास प्राधिकरण के मौजूदा वेटलैंड अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्र का राष्ट्रीय क्षमता विकास केन्द्र के रूप में उन्नयन करने के लिए भी विचार किया जा रहा है।

इस वर्ष विश्‍व वेटलैंड्स दिवस मंत्रालय द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से सुंदरवन में आयोजित किया जा रहा है, जो विश्‍व में सदाबहार वनों का सबसे बड़ा एकल स्‍थल है और रॉयल बंगाल टाइगर सहित असंख्‍य पेड़़-पौधे और पशु प्रजातियों को आश्रय प्रदान करता है।

मंत्रालय इन प्राकृतिक संसाधनों की देन को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकारों, विशेषज्ञों, गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ), निजी क्षेत्र और जीवन के सभी क्षेत्रों से संबंधित नागरिकों के साथ काम करने के लिए उत्‍सुक है

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