वायरल सच: क्या है इस वीडियो की असली सच्चाई?

नई दिल्ली: एबीपी न्यूज की पहल वायरल सच में हम यही कहते हैं जो दिखता है वो सच ही हो ये जरूरी नहीं होता. इस बात की जीती जागती मिसाल है दिल्ली के हेड कॉस्टेबल सलीम पीके की कहानी. पिछले साल सलीम का दिल्ली मेट्रो में गिरने का एक वीडियो खूब वायरल हुआ था. लेकिन घटना के कई महीनों बाद सामने आई है इस वायरल वीडियो की असली कहानी.

दिल्ली मेट्रो के भीतर हेड कॉन्सटेबल सलीम पीके के गिरने का ये वीडियो आपने जरूर देखा होगा. किसी ने शेयर किया होगा तो किसी ने आलोचना की होगी. पिछले साल अगस्त महीने में यूट्यूब से लेकर फेसबुक और व्हाट्सएप तक ये वीडियो खूब वायरल हो रहा था.

जिस तरह से सलीम गिरे उसका मतलब हर किसी ने यही निकाला कि सलीम ने शराब पी रखी थी और वो इतने ज्यादा नशे में थे कि खुद को सीधा खड़ा भी नहीं रख पा रहे थे. इस वीडियो के सुर्खियां बनने के अगले ही दिन सलीम को ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया गया था.

35 सेकेंड के इस वीडियो को एक दिन में 2 लाख से ज्यादा हिट्स मिल रहे थे लेकिन कई महीनों बाद वायरल हो रहे इस वीडियो का दूसरा सच सामने आया है. इस पूरे मामले पर 50 साल के सलीम ने अपने बचाव में जो दलील दी थी वो सच साबित हो चुकी है.

तारीख थी- 19 अगस्त 2015 जब ड्यूटी पर सलीम की तबीयत बिगड़ी. सलीम जब मेट्रो में चढ़े तो अचानक उनकी आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा. मेट्रो जैसे ही आजादपुर स्टेशन पर रुकी सलीम का संतुलन बिगड़ गया और वो गिर गए. लेकिन सलीम को जिसने भी इस हालत में देखा उसने कुछ और ही मतलब निकाला.

जबकि हकीकत ये थी कि सलीम को ब्रेन स्ट्रोक हुआ था. सर्जरी से सलीम की जान तो बच गई लेकिन उनके शरीर का बायां हिस्सा लकवे का शिकार हो गया.

वीडियो के वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लेते हुए सलीम को सस्पेंड भी कर दिया था लेकिन जांच हुई और तत्कालीन दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी की तरफ से करीब तीन महीने बाद क्लीन चिट देकर सलीम को बहाल कर दिया गया. दिल्ली पुलिस ने अपनी गलती मानते हुए सलीम के सस्पेंशन पीरियड को छुट्टी में तब्दील कर दिया था.

इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस ने ये भी साफ किया था कि सलीम के अच्छे रिकॉर्ड को देखते हुए उसे तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम की सुरक्षा में भी लगाया जा चुका है.

सोशल मीडिया पर इस तरह से छवि खराब होने को लेकर सलीम ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सलीम के वकील वील्स मैथ्यूज ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्ज़ी लगाकर ऐसे मामलों पर एक क़ानून बनाने की मांग की है.

मैथ्यूज का कहना है कि किसी को नहीं पता कि इस वीडियो को किसने अपलोड किया. अपलोड होने के बाद हज़ारों लोगों ने इसको शेयर किया, इसलिए किसी खास व्यक्ति पर मानहानि का दावा कर पाना बेहद मुश्किल काम है, इसलिए वो कोर्ट से मांग करते हैं कि कोर्ट ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए कोई सख्त क़ानून बनाये, जिससे आगे से किसी को सलीम की तरह जिल्लत न झेलनी पड़े.

याचिका में सलीम का सम्मान लौटाने की मांग की गई है. एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया लोगों ने देखा. बात आई गई हो गई लेकिन अच्छे रिकॉर्ड के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे एक कॉन्स्टेबल की जिंदगी बदल गई. पहले बीमारी और फिर बेइज्जती. सलीम की याचिका के मुताबिक इस घटना के बाद उनकी पत्नी को दिल का दौरा पड़ा था. 87 साल के पिता पहले से ही लकवाग्रस्त हैं, पिता की देखभाल का जिम्मा भी उन्हीं पर है.

ये घटना हमें सीख देती है कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले सच जानना जरूरी होता है क्योंकि जो दिखता है वो हमेशा सच नहीं होता. एबीपी न्यूज की पड़ताल में ये वायरल वीडियो झूठा साबित हुआ है.

अगर आपके पास भी ऐसा कोई वायरल मैसेज फोटो या वीडियो है जिसके सही होने पर आपको शक है तो एबीपी न्यूज को viralsach@abplive.in पर भेज दीजिए. हम उस वायरल खबर की पड़ताल करेंगे

SOURCE - ABP NEWS

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