बजट सत्र में पारित हो सकता है जीएसटी विधेयक: जेटली

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद के बजट सत्र में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विधेयक के पारित होने की उम्मीद जताते हुए कहा कि सरकार देश की मौजूदा कर प्रणाली को वैश्विक स्तर तक लाने का प्रयास कर रही है। जेटली ने आज यहां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ)'विकासशील एशिया : भविष्योन्मुखी निवेश'सम्मेलन के समापन समारोह में कहा, 'दो दिन पहले संसद के जारी सत्र में कयी महत्वपूर्ण विधेयक पारित किये गये हैं।

25 अप्रैल से 13 मई तक चलने वाले संसद के बजट सत्र में जीएसटी के साथ ही बैंक्रप्ट्सी विधेयक के पारित होने की उम्मीद है। इस दिशा में अभी तक जो प्रयास हुये हैं, वह यह है कि हमने देश में कारोबार करने के लिए नियमों को आसान बनाया है।'

उन्होंने कहा कि इससे सरकार की आर्थिक सुधार प्रक्रिया को गति मिलने के साथ ही वैश्विक विकास में भारत की भागीदारी में भी बढ़ोतरी होगी। संसद में आधार विधेयक पारित हो चुका है। अब सरकार बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उसमें विधायी बदलाव के साथ ही संसाधनों को बढ़ाने पर फोकस करेगी। जेटली ने कहा, 'मैं मानता हूं कि अगले कुछ महीने में बैंकिंग प्रणाली में किया जाने वाला संरचनात्मक बदलाव काफी महत्वपूर्ण है।' वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की चुनौतियों का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि बाह्य चुनौतियों के बीच आर्थिक विकास की गति को बनाये रखने के लिए सुधार की रफ्तार तेज रखना जरूरी है। देश का विकास माॠडल गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित है।

उल्लेखनीय है कि सरकारी सब्सिडी के हस्तांतरण के लिए विशिष्ट पहचान संख्या को वैधानिक समर्थन देने के उद्देश्य से संसद में पिछले सप्ताह आधार विधेयक पारित किया गया। साथ ही राज्यसभा में रियल एस्टेट विधेयक 2016 भी पारित हुआ। इससे रियल्टी क्षेत्र की परियोजनाओं को लागू करने में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। प्रस्तावित जीएसटी विधेयक के पारित होने से देश में पहली बार वस्तुओं के लिए एकल बाजार उपलब्ध हो सकेगा। वहीं, बैंक्रप्ट्सी विधेयक के पारित होने से पहली बार तरलता प्रबंधन नियमों या खस्ताहाल कंपनियों के सुधार के नियमों को एकल कोड के अंतर्गत लाया जा सकेगा।

SOURCE - livehindustan.

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