18 Apr 2016

राजीव गांधी दोबारा पीएम बनते तो अब तक हो जाता राम मंदिर का निर्माणः स्वामी

नेहरू-गांधी परिवार के घोर आलोचक भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अयोध्या विवाद के समाधान के लिए प्रयासों के लिए दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सराहना की और कहा कि कांग्रेस नेता अगर दोबारा प्रधानमंत्री निर्वाचित होते तो राम मंदिर का निर्माण हो गया होता। 
राजीव दोबारा पीएम बनते तो मंदिर बन जाता

नेहरू-गांधी परिवार के घोर आलोचक भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अयोध्या विवाद के समाधान के लिए प्रयासों के लिए दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सराहना की और कहा कि कांग्रेस नेता अगर दोबारा प्रधानमंत्री निर्वाचित होते तो राम मंदिर का निर्माण हो गया होता।
उन्होंने यहां ‘अयोध्या में श्रीराम मंदिर क्यों और कैसे’ विषय पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए रविवार को कहा, ‘मैं राजीव गांधी को बहुत अच्छी तरह जानता था। अगर वह दोबारा प्रधानमंत्री बनते तो उन्होंने उसी स्थान पर (जहां विवादास्पद बाबरी मस्जिद था) राम मंदिर का निर्माण करा दिया होता।’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने राम मंदिर (बाबरी मस्जिद) का ताला खुलवा दिया था और राम मंदिर के लिए शिलान्यास कार्यक्रम की अनुमति दे दी थी।’

भाजपा नेता ने कहा कि राजीव गांधी ने ‘रामराज्य की अवधारणा को लागू करना’ शुरू किया था लेकिन उनके असामयिक निधन से चीजें बदल गईं। स्वामी ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी को अदालत में घसीटा है।

स्वामी ने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय में रोजाना आधार पर बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई किए जाने के लिए आम सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। स्वामी ने दावा किया कि उन्होंने मामले में शामिल मुस्लिम नेताओं से प्रस्ताव पर चर्चा की थी और सिद्धांत रूप में वो सहमत भी हो गए थे। हालांकि, जब अदालत में प्रस्ताव का समर्थन करने की बारी आई तो वो ‘चुप’ रह गए। भाजपा नेता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का आखिरी फैसला अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ करेगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य मौजूदा साल के आखिर में शुरू हो सकता है।

यह पूछे जाने पर कि देश को स्कूल, अस्पताल, सड़क और शौचालयों की अधिक आवश्यकता है या राम मंदिर की तो उन्होंने कहा, ‘यह (विकास) सरकार का काम है और सरकार सही तरीके से काम कर रही है। सरकार उसका खयाल रखेगी। मुझे मेरा काम (मंदिर निर्माण के लिए प्रयास का काम) करने दें।’
Source - jan satta

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