3 May 2016

रिपोर्टः सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही बनी पठानकोट हमले की वजह

समिति ने सरकार द्वारा पाकिस्तान की जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम (JIT) को भारत आने की इजाजत देने पर भी सवाल उठाए हैं, समिति प्रमुख ने कहा है कि आज भी पठानकोट एयरबेस की सुरक्षा की स्थिति ठीक नहीं है 
नई दिल्ली। पठानकोट हमले की जांच कर रही गृह मंत्रालय की आतंरिक मामलों की संसदीय समिति ने इस हमले के लिए भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल खड़े किए हैं। संसदीय समिति के प्रमुख प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा है कि अगर भारत सरकार गंभीर होती और खुफिया एजेंसियों ने ठीक से काम किया होता तो तस्वीर दूसरी होती। 

समिति ने कहा कि जांच एजेंसियों को एसपी सलविंदर सिंह से एक बार फिर पूछताछ करनी चाहिए थी, जो नहीं हुई। समिति के प्रमुख प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि पठानकोट में सुरक्षा-व्यवस्था खराब थी। एसपी पठानकोट की गतिविधि संदिग्ध थी। उनसे सवाल-जवाब ठीक से नहीं हुए। 

If GoI was serious & intel functioned properly,picture would've been diff-Pradip Bhattacharya(Chairman,Parl Standing Committee,HA #Pathankot

— ANI (@ANI_news) May 3, 2016

समिति ने सरकार द्वारा पाकिस्तान की जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम (JIT) को भारत आने की इजाजत देने पर भी सवाल उठाए हैं। समिति प्रमुख ने कहा है कि आज भी पठानकोट एयरबेस की सुरक्षा की स्थिति ठीक नहीं है। 

The committee during visit to #Pathankot airbase found that the airbase security was not robust:Pradip Bhattacharya pic.twitter.com/NCtk5ZnnT4

— ANI (@ANI_news) May 3, 2016

एय़रबेस की सुरक्षा में भारी कमी 

भट्टाचार्य ने कहा कि हम सरकार से अपील करते हैं कि हमारी रिपोर्ट को गंभीरता से लिया जाए और जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि समिति ने पठानकोट दौरे के दौरान देखा कि एयरबेस की सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकी हमलों से निपटने के लिए तैयार नहीं थीं। समिति को यह समझ नहीं आया कि आतंकी पठानकोट एयरबेस तक कैसे पहुंच सके। 

उन्होंने आगे बताया कि हमने पठानकोट एयरबेस के अधिकारियों से लंबी बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने एयरबेस पर हमले की जानकारी नहीं थी। उन्हें तड़के सुबह हमले की जानकारी मिली, वह भी पंजाब से नहीं दिल्ली एयरफोर्स से। ऐसा कैसे हुआ? दिल्ली एयरफोर्स को किसने जानकारी दी? ये ऐसी चीजें हैं, जिनका जवाब तलाशा जाना चाहिए। 

कमेटी की सिफारिशों को गंभीरता से लेंगेः गृहराज्य मंत्री 

कमेटी की सिफारिशों पर बोलते हुए गृहराज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि स्टैंडिग कमेटी ने कुछ कॉमेंट्स किए हैं। हम सिक्योरिटी से जुड़ीं उनकी सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सहमत या असहमत होने का सवाल नहीं है, स्टैंडिंग कमेटी ने कुछ चिंता जताई है, सिक्योरिटी से जुड़े हर मामले को हम गंभीरता से लेते हैं। 

पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला कर सकता है विपक्ष 

कहा जा रहा है कि विपक्ष इस मुद्दे के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला कर सकता है। कारण यह भी है कि पीएम मोदी के करीबी अजित डोभाल इस ऑपरेशन के प्रमुख थे और सीधे तौर पर जुड़े रहे थे। यह रिपोर्ट आने के बाद विपक्षी दल सरकार पर भी हमला कर सकते हैं। वे संसद में इस मसले पर बहस की मांग कर सकते हैं। बता दें कि सरकार यह कह सकती है कि पहले सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन फिर भी विपक्ष सरकार से और जवाब की मांग कर सकता है। 

2 जनवरी को हुआ था आतंकी हमला 

भारत ने इसी वर्ष 2 जनवरी को पठानकोट के एयरफोर्स बेस में हुए आतंकी हमले की जांच के लिए सबूत एकत्र करने अपनी एक जांच टीम को पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है। इस आतंकी हमले में सेना के सात जवान शहीद हुए थे।
Source - Patrika

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