GOOD NEWS - छोटे शहरों के लिए 225 किमी की फ्लाइट का मैक्सिमम किराया होगा 1770 रु.

31 एयरपोर्ट्स ऐसे हैं जो तैयार हैं, लेकिन फ्लाइट नहीं है। वहां तुरंत शुरू हो सकती है। (फाइल)
नई दिल्ली. छोटे और मझोले शहरों की एयर कनेक्टिविटी के लिए सरकार ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) का ड्राफ्ट जारी कर दिया। इसके मुताबिक, छोटे शहरों के लिए प्लेन का किराया हर तीन महीने में बदलेगा। इसका मकसद छोटे और मझोले शहरों का डेवलपमेंट किया जाना है। सिविल एविएशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू के मुताबिक, '201 से 225 किमी तक का मैक्सिमम फेयर 1,770 रु. और 776 से 800 किमी का किराया 4,070 रु. होगा। स्कीम 10 साल के लिए बनाई गई है।'ये बोले एविएशन मिनिस्टर...

- सिविल एविएशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू के मुताबिक, स्कीम 201 से 800 किलोमीटर तक की उड़ानों पर लागू होगी।
- 'चूंकि एक प्लेन एक घंटे में एवरेज 500 किलोमीटर की उड़ान भरता है, इसलिए 476 से 525 किलोमीटर तक के लिए मैक्सिमम किराया 2,500 रु. रखने का प्रपोजल है।'
  1. - '201 से 225 किमी तक का फेयर 1,770 रु. और 776 से 800 किमी का 4,070 रु. होगा। हर 3 महीने में इसमें बदलाव होगा।' 
- 'किराए पर सर्विस टैक्स में 90% अबेटमेंट का प्लान है। यानी 10% हिस्से पर ये टैक्स लगेगा।'
- 'स्कीम के तहत छोटे-मझोले शहरों के जिन एयरपोर्ट को डेवलप किया जाएगा, वहां से या वहां के लिए फ्लाइट का ही मैक्सिमम किराया तय होगा।'
- 'किसी भी फ्लाइट की 50% सीटें ही इसमें शामिल होंगी। प्लेन की सिटिंग कैपेसिटी के आधार पर मिनिमम 9 और मैक्सिमम 40 सीटें स्कीम में आएंगी।'

10 साल के लिए स्कीम
- राजू के मुताबिक, 'एयरलाइंस को बाकी सीटों के लिए किराया तय करने की छूट होगी।'
- 'इन रूट्स पर मैक्सिमम 80 सीटों वाले प्लेन ही उड़ाए जा सकेंगे।'
- 'स्कीम 10 साल के लिए होगी। इसमें तीन साल तक केंद्र सरकार नुकसान की भरपाई करेगी।'
- 'हर रूट पर हफ्ते में मिनिमम 3 और मैक्सिमम 7 फ्लाइट्स होंगी।'
- राजू ने बताया, 'एयरलाइंस से आरसीएस रूट के लिए बोली लगाने को कहा जाएगा। जो कंपनी सरकार से सबसे कम भरपाई की मांग करेगी उसे उस रूट पर एक्सक्लूजिव फ्लाइट ऑपरेट का राइट मिलेगा।'
- 'ये राइट एक, दो या तीन साल के लिए दिया जाए, इसका फैसला ड्राफ्ट पर आने वाले सुझावों के आधार पर होगा।'
- 'सुझाव के लिए 22 जुलाई तक का समय दिया गया है। इसके बाद एक महीने में योजना को अंतिम रूप मिलने की उम्मीद है।'

'31 एयरपोर्ट तैयार तैयार लेकिन फ्लाइट नहीं'


- राजू ने कहा कि 31 एयरपोर्ट्स ऐसे हैं जो तैयार हैं, लेकिन फ्लाइट नहीं है। वहां तुरंत शुरू हो सकती है।'
- '16 सेमीडेवलप्ड एयरपोर्ट्स हैं जहां हफ्ते में 7 से कम उड़ानें हैं। इनमें जामनगर, आगरा, ग्वालियर, पंतनगर और दुर्गापुर शामिल हैं।'
- 'इनके अलावा 394 एयरपोर्ट/एयरस्ट्रिप डेवलप नहीं है। यहां से अभी कोई शेड्यूल्ड फ्लाइट नहीं है। इन्हें आरसीएस के तहत डेवलप किया जा सकता है। इसमें केंद्र मदद करेगा।'

हेलिकॉप्टर का आधे घंटे का किराया 2,500 रुपए

- ड्राफ्ट में हेलिकॉप्टरों के किराए की सीमा भी तय की गई है। यह वक्त के हिसाब से होगा।
- आधे घंटे तक की उड़ान का मैक्सिमम किराया 2,500 रुपए और 56 से 60 मिनट की उड़ान का मैक्सिमम किराया 5,000 रुपए करने का प्रपोजल है। हर फ्लाइट में आरसीएस की 5 सीटें होंगी।

प्लेन फ्यूल पर 10 साल तक 1% से ज्यादा वैट नहीं

- राज्य सरकारों को 10 साल तक इन एयरपोर्ट्स पर प्लेन फ्यूल पर वैट 1% या उससे कम रखना होगा।
- पुलिस और फायर ब्रिगेड फैसिलिटी फ्री और बिजली-पानी डिस्काउंट पर मुहैया कराना होगा।
- जरूरत पड़ने पर जमीन भी मुफ्त में देनी पड़ेगी।
- एयरलाइंस को नुकसान की 20% भरपाई भी राज्यों को ही करनी होगी।

फ्यूल की कीमत से तय होगा किराया

- मैक्सिमम किराए को प्लेन फ्यूल की कीमत से जोड़ा गया है।
- हर तीन महीने में इसमें बदलाव होगा।
- फ्यूल महंगा होने पर किराया बढ़ेगा, सस्ता होने पर घटेगा।

बिना शेड्यूल्ड फ्लाइट वाले एयरपोर्ट/एयरस्ट्रिप

- बिहार- 33
- छत्तीसगढ़- 7
- गुजरात-19
- हरियाणा- 8
- हिमाचल- 1
- जम्मू-कश्मीर-15
- झारखंड- 8
- मध्य प्रदेश- 39
- महाराष्ट्र- 29
- पंजाब-16
- राजस्थान- 34
- उत्तर प्रदेश- 28
- उत्तराखंड- 6
SOURCE - BHASKER

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