भारतीय युद्ध पोत त्रिकंद की दारेस्‍सलाम, तंजानिया यात्रा (6 से 9 सितम्‍बर 2016)

तंजानिया के साथ अपने संबंधों की प्रतिबद्धता के प्रदर्शन के रूप में भारतीय नौसेना का जहाज त्रिकंद अफ्रीका के पूर्वी तट और पश्चिमी हिंद महासागर स्थित द्विपीय देशों में अपनी तैनाती के एक हिस्‍से के रूप में अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर आज दारेस्‍सलाम पहुंचा। यह जहाज पश्चिमी नौसेना कमान के अधीन मुम्‍बई स्थित भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का एक हिस्‍सा है और यह पश्चिमी हिंद महासागर में दो महीने लम्‍बी तैनाती पर है। 

इस यात्रा का उद्देश्‍य द्वि‍पक्षीय संबंधों को बढ़ाना, दोस्‍ती के मौजूदा संबंधों को मजबूत करना तथा भारत और तंजानिया के मध्‍य समुद्रीय सुरक्षा में सहयोग को मजबूत बनाना है। बंदरगाह में अपनी तैनाती के दौरान इसकी दोनों नौसेनाओं के मध्‍य अधिकारिक बैठक, सांस्‍कृतिक आयोजन और पेशेवर बातचीत सहित विभिन्‍न गतिविधियां आयोजित करने की योजना है। दारेस्‍सलाम में अपने प्रवास के दौरान यह जहाज जनता के ऑन बोर्ड भ्रमण के लिए खुला रहेगा। जहाज के कमांडिंग अफसर कप्‍तान अर्जुन देव नायर है और भारतीय नौसेना के पेशेवर और उच्‍च प्रेरित कर्मियों का दल इन्‍हें सहायता प्रदान कर रहा है। 

भारत और तंजानिया के मध्‍य परंपरागत रूप से घनिष्‍ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं जो साझा विचारधाराओं और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए वास्‍तविक इच्‍छा शक्ति से प्रेरित हैं। राज्‍य प्रमुखों सहित उच्‍च स्‍तरीय प्रतिनिधिमंडलों की लगातार यात्राओं ने द्वि‍पक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान की है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अभी हाल में समाप्‍त यात्रा ने दोनों देशों के मध्‍य द्वि‍पक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान की है। दोनों देशों के मध्‍य बढ़ते रक्षा सहयोग को नौसेना के जहाजों की निरंतर बढ़ती हुई बंदरगाह यात्राओं, हाईड्रोग्राफी और प्रशिक्षण सहायता के क्षेत्र में सहयोग से आंका जा सकता है। भारतीय नौसेना के जहाज की पिछली तंजानिया यात्रा मार्च 2016 में हुई थी जब भारतीय नौसेना जहाज सतलुज ने सर्वेक्षण तैनाती के हिस्‍से के रूप में दारेस्‍सलाम की यात्रा की थी। वर्तमान यात्रा से भारत और तंजानिया के मध्‍य मैत्री के मौजूदा संबंधों को और मजबूत बनाने तथा दोनों देशों के मध्‍य समुद्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करना है। 

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आईपीएस/वीके-4207 द्विपीय देशों में अपनी तैनाती के एक हिस्‍से के रूप में अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर आज दारेस्‍सलाम पहुंचा। यह जहाज पश्चिमी नौसेना कमान के अधीन मुम्‍बई स्थित भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का एक हिस्‍सा है और यह पश्चिमी हिंद महासागर में दो महीने लम्‍बी तैनाती पर है। 

इस यात्रा का उद्देश्‍य द्वि‍पक्षीय संबंधों को बढ़ाना, दोस्‍ती के मौजूदा संबंधों को मजबूत करना तथा भारत और तंजानिया के मध्‍य समुद्रीय सुरक्षा में सहयोग को मजबूत बनाना है। बंदरगाह में अपनी तैनाती के दौरान इसकी दोनों नौसेनाओं के मध्‍य अधिकारिक बैठक, सांस्‍कृतिक आयोजन और पेशेवर बातचीत सहित विभिन्‍न गतिविधियां आयोजित करने की योजना है। दारेस्‍सलाम में अपने प्रवास के दौरान यह जहाज जनता के ऑन बोर्ड भ्रमण के लिए खुला रहेगा। जहाज के कमांडिंग अफसर कप्‍तान अर्जुन देव नायर है और भारतीय नौसेना के पेशेवर और उच्‍च प्रेरित कर्मियों का दल इन्‍हें सहायता प्रदान कर रहा है। 

भारत और तंजानिया के मध्‍य परंपरागत रूप से घनिष्‍ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं जो साझा विचारधाराओं और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए वास्‍तविक इच्‍छा शक्ति से प्रेरित हैं। राज्‍य प्रमुखों सहित उच्‍च स्‍तरीय प्रतिनिधिमंडलों की लगातार यात्राओं ने द्वि‍पक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान की है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अभी हाल में समाप्‍त यात्रा ने दोनों देशों के मध्‍य द्वि‍पक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान की है। दोनों देशों के मध्‍य बढ़ते रक्षा सहयोग को नौसेना के जहाजों की निरंतर बढ़ती हुई बंदरगाह यात्राओं, हाईड्रोग्राफी और प्रशिक्षण सहायता के क्षेत्र में सहयोग से आंका जा सकता है। भारतीय नौसेना के जहाज की पिछली तंजानिया यात्रा मार्च 2016 में हुई थी जब भारतीय नौसेना जहाज सतलुज ने सर्वेक्षण तैनाती के हिस्‍से के रूप में दारेस्‍सलाम की यात्रा की थी। वर्तमान यात्रा से भारत और तंजानिया के मध्‍य मैत्री के मौजूदा संबंधों को और मजबूत बनाने तथा दोनों देशों के मध्‍य समुद्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करना है। 

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