ओलंपिक के 9 एथलीटों से छिने पदक



लुसाने, आइएएनएस। बीजिंग और लंदन ओलंपिक के नौ पदक विजेताओं के नमूनों की पुन: जांच में प्रतिबंधित दवाओं के सेवन की पुष्टि हुई है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) ने उनके पदक वापस ले लिए हैं। बीजिंग ओलंपिक के छह एथलीटों से पदक वापस लेने के अलावा तीन और को अयोग्य करार दिया गया है। इन सभी को स्टेरॉयड के लिए पॉजीटिव पाया गया था।
लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली कजाकिस्तान की तीन महिला भारोत्तोलकों से पदक वापस ले लिए गए हैं। जिन एथलीटों से पदक वापस लिए गए हैं, उनमें जुल्फिया चिंशालो (53 किलोग्राम), माया मानेजा (63 किलोग्राम) और स्वेतलाना पोदोबेदोवा (75 किलोग्राम) के नाम शामिल हैं।

बी¨जग में 74 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में रजत जीतने वाले उज्बेकिस्तान के पहलवान सोसलान तिगिएव, यूक्रेन के भारोत्तोलक ओल्हा कोरोब्का, बेलारूस की भारोत्तोलक आंद्रेई रिबाकू को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी पाया गया है। कजाकिस्तान के रजत पदक विजेता फ्रीस्टाइल पहलवान तैमूराज तिगिएव, कांस्य पदक विजेता बेलारूस की भारोत्तोलक नतासिया नोविकावा, बेलारूस की ही कांस्य पदक विजेता एकटेरिना को भी डोप में विफल पाए जाने के बाद अपने पदक गंवाने पड़े हैं।

आइओसी ने नौ डोप के दोषी खिलाडि़यों की सूची जारी की है, इसमें स्पेन के बाधा दौड़ खिलाड़ी जोसफाइन किरूका ओनिया, क्यूबा के लंबी कूद एथलीटविल्फ्रेडो माíटनेज और भारोत्तोलक सरदार हसानोव शामिल हैं। आइओसी ने गुरुवार को लंदन ओलंपिक के कुल आठ एथलीटों को अयोग्य करार दिया। पांच अन्य एथलीटों में रूस की भारोत्तोलक मरीना शकरमनकोवा (69 किलोग्राम में कांस्य पदक), डजीना सैजनावेटस, यौहेनी हारनासेक, रूस के पोल वाल्टर दिमित्री स्तारोडबस्तेव और हैमर थ्रोअर किरिल आइकोनिकोव के नाम शामिल हैं। लंदन ओलंपिक और बीजिंग ओलंपिक में अब तक कुल 98 मामलों में खिलाड़ी डोप टेस्ट में फेल हुए हैं। आइओसी खिलाडि़यों के डोप के नमूने 10 वर्षो तक संभाल कर रखती है।
Source - Jagran

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