“भारतीय रेल में लेखा सुधार – सतत विकास के लिए रणनीतिक मिशन” पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन लेखा प्रणाली को प्रकट करने वाला होना चाहिए, छुपाने वाला नहीं : श्री अरूण जेटली

“भारतीय रेल में लेखा सुधार – सतत विकास के लिए रणनीतिक मिशन” पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

लेखा प्रणाली को प्रकट करने वाला होना चाहिए, छुपाने वाला नहीं : श्री अरूण जेटली
आज यहां विज्ञान भवन में “भारतीय रेल में लेखा सुधार – सतत विकास के लिए रणनीतिक मिशन” पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन रेल मंत्रालय और भारतीय औद्योगिक परिसंघ ने मिल कर किया था। वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरूण जेटली सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे। रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु सम्मेलन के विशिष्ठ अतिथि थे। उन्होंने सम्मेलन में मुख्य वक्तव्य दिया। इस अवसर पर रेल वित्त आयुक्त श्री शहजाद शाह, रेलवे बोर्ड के सदस्य, सलाहकार (लेखा सुधार) एवं मिशन निदेशक श्री नरेश सलेचा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर स्मारिका भी जारी की गई।

इस अवसर पर रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि लेखा प्रणाली किसी भी संगठन का स्वास्थ्य ब्यौरा होता है जिससे संगठन का वित्तीय स्वास्थ्य प्रकट होता है। उन्होंने कहा कि लेखा प्रणाली के तहत सही लागत, सही कीमत और सही परिणाम पर जोर दिया जाता है। सही लेखा प्रणाली से संसाधनों का सही आवंटन और उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है।

वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा कि रेलवे का संचालन भारत सरकार करती है लेकिन वह एक प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती है। उन्होंने कहा कि रेलवे को अन्य यातायात प्रणालियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलती है जिनमें रोडवेज और एयर लाइन्स शामिल हैं। श्री जेटली ने कहा कि रेल विभाग को इन चुनौतियों का सामना करना चाहिए और अपनी प्रणाली को दुरुस्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेखा प्रणाली इस तरह की होनी चाहिए की उसमें पारदर्शिता हो और कोई भी चीज छुपी न रहे।

संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और रेल राज्य मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने स्मारिका में प्रकाशित अपने संदेश में कहा कि भारतीय रेल सरकार के ऐसे कुछ संगठनों में शामिल हो जाएगी, जिसने सबसे पहली बार इस तरह की लेखा प्रणाली को अपनाया हो।

रेल राज्य मंत्री श्री राजेन गोहेन ने स्मारिका में प्रकाशित अपने संदेश में कहा कि किसी भी संगठन के लिए यह जरूरी होता है कि वह लागत की अपेक्षा परिणाम पर अधिक ध्यान दे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लेखा सुधार उल्लेखनीय कदम है।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक श्री शशिकांत शर्मा ने स्मारिका में प्रकाशित अपने संदेश में रेलवे को बधाई दी कि वह लेखा प्रणाली में सुधार कर रहा है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सम्मेलन की चर्चा से भविष्य की दिशा तय होगी।

भारतीय औद्योगिक परिसंघ के उपाध्यक्ष श्री राकेश भारती मित्तल ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कई अभिनव पहलों से भारतीय रेल के विकास में मदद मिलेगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री ए. के. मित्तल ने स्मारिका में प्रकाशित अपने संदेश में कहा कि जब अधिक से अधिक निजी निवेश को आकर्षित किया जा रहा हो तब ऐसी स्थिति में लेखा प्रणाली को मानकों और सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए। इस तरह की प्रणाली से प्रबंधन स्तर पर निर्णय लेने में सुविधा होगी।

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