एक-दूजे के हुए 358 जोड़े, विधायक ने किया कन्यादान

बलिया। श्री नाथ बाबा व रोशन शाह की सरजमीं पर गुरुवार को अपार जनसैलाब देखने को मिला। जिधर भी नजर घूम रही थी,उसी ओर सामूहिक विवाह देखने की ललक लिये लोगों की लम्बी कतारें नजर आ रही थी। अपार भीड़ में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की मंशा विवाह स्थल पर पहुंचकर शाही शादी’ को अपनी नजरों में कैद करने के साथ-साथ उसकी गवाह बनने की रही। जनपद के चारों दिशाओं से विवाह में शामिल वर-वधू के अलावा बारातियों-घरातियों की संख्या न भूतो न विष्यति’ को चरितार्थ कर रही थी। रसड़ा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के प्रयासों से गरीब 358 जोड़ा वर-वधू को एक साथ एक ही मंच पर विवाह के समस्त संस्कारों को करने का मौका मिला। काशी से आये प्रधान आचार्य मथुरा प्रसाद शास्त्री की अगुवाई में 11 ब्राह्मणों ने पूरे विधि विधान से इस सामूहिक शादी को सम्पन्न कराया। गौरी-गणेश पूजन से लेकर द्वारचार तक की छटा अपने आप में निराली थी। समस्त वैवाहिक कार्यक्रमों को विधायक अपने ही कर कमलों द्वारा सम्पादित करते नजर आये। यहां तक की बीच-बीच में उमड़ीभीड़ से उत्पन्न हुए व्यवधान को नियंत्रित करने का वीणा भी स्वयं उमाशंकर सिंह ने ही संभाल रखा था। सामूहिक विवाह के इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल कुल 358 जोड़ों में तकरीबन300 हिन्दू जोड़ें को हिन्दू रीति-रिवाज से शादी कराई गयीवहीं शेष मुस्लिम वर-वधू को इस्लामी व्यवस्था के तहत निकाह कराया गया। इतने बड़े आयोजन में समस्त कार्यक्रमों को सिलसिलेवार होते देख उपस्थित लोगों ने दांतों तले अंगुली दबा ली। किसी ने यह सोचा भी नहीं होगा कि इन गरीब कन्याओं की शादी इतने वृहद पैमाने पर शादी अंदाज में कभी सम्पन्न भी हो सकती है। जहां करीब पांच लाख लोगों के भोजन की व्यवस्था थीवहीं आयोजन स्थल पर पहुंचे समस्त लोगों को किसी प्रकार की कोई कठिनाई न होइसकी भी पूरी व्यवस्था अपनी अगुवाई में विधायक ने अपने वैलेंटियर्स को सौंप रखी थी। शाही शादी को शाही अंदाज में सम्पन्न कराने के लिए वहां पहुंचे लोगों के मनोरंजन की भी भव्य व्यवस्था की गयी थी। भोजपुरी संगीत के एक से एक नायक अपनी कला का प्रदर्शन कर लोगों को लुफ्त उठाने को मजबूर कर रहे थे तो वहीं यह चर्चा भी हो रही थी कि शादी शादी का हर पहलू शाही अंदाज में ही आयोजित किया गया है। श्रीनाथ बाबा मठ के दूसरे छोर पर छोर पर मुम्बई से आये अदाकारों में मुख्य रूप से रवि किशनखेसारी लाल यादवमोहन राठौरमोहिनी पांडेय और निशा पांडेय ने अपनी सुमधुर संगीत व अदाओं से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रीनाथ बाबा मठ में आयोजित 358 सामूहिक शादियों की व्यता को देखने के लिए जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक अपने आप को नहीं रोक पाये। शादी समारोह में शामिल अधिकारी द्वय ने न सिर्फ इसकी व्यता को बढ़ायाअपितु वर-वधू को आर्शीवाद देउन्हें कृतार्थ भी किया। इस दौरान इनकी उपस्थिति इस व्य शादी के गवाह के रूप में भी स्वीकार की गयी। इसके अलावा इस शादी समारोह में एडीएम केपी सिंह,एएसपी केसी गोस्वामीबीएसए डॉ. राकेश सिंह आदि अधिकारीभी इस शादी की निगाहबानी करते नजर आये। उधरलोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह ने शादी समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस शादी का मुख्य उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि गरीब लड़के और लड़कियों की शादी भी भव्यता को प्राप्त कर सकती है। उन्हें इस बात का मलाल नहीं होना चाहिए कि आर्थिक तंगी और सामाजिक पिछड़ेपन उनकी खुशियों में बाधक बन रहा है। एक प्रश्न के जबाब में विधायक ने कहा कि बड़े घरानों की शादी में लम्बे-चौड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस बात को ध्यान में रखकर ही मैने भोजपुरी के महान कलाकारों को यहां आमंत्रित किया। विवाहोत्सव में वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए महाकुंभ’ जैसीभीड़ उमड़ी हुई थी। सबकी इच्छा थी कि वे वर-वधू के पास पहुंचकर उन्हें आशीर्वाद देलेकिन भीड़ के इस महाकुं में अधिकतर लोग फंस गये। विधायक के वालेंटियर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए भीड़ को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास करते रहेलेकिन उमड़े जनसैलाब के सामने वे भी वेवश दिखे। लाखों की भीड़ की वजह से घंटों तक वर-वधू को विवाह मंडप तक पहुंचने में जद्दोजहद करनी पड़ी। श्रीनाथ बाबा मठ के मुख्य द्वार से विवाह मंडप की ओर 358 दुल्हों की लंबी लाइन लगी हुई थी और उनके साथ परिजन व रिश्तेदार भी चल रहे थे। द्वारपूजा के दौरान दूल्हें भी जाम में फंस गये। उन्हें एक-एक कर किसी तरह से मंडप की ओर पहुंचाया गया। वहींदूसरी तरफ कतारबद्ध तरीके से 358 दुल्हन के आगे-आगे विधायक उमाशंकर सिंह उन्हें लेकर विवाह मंडप पहुंचे। यह दृश्य देख सभी ने उनका स्वागत किया। भीड़ इतनी थी कि दुल्हनों को भी मंडप तक पहुंचने में काफी समय लग गया। वर-वधू को देखने पहुंची भीड़ किसी तरह मंडप स्थल तक पहुंचना चाह रही थी। इसके चलते दूल्हा-दुल्हन को देने के लिए रखे गये सामानों पर भी कुछ लोग गिर पड़े। आयोजन समिति ने भीड़ को रोकते हुए सामानों को सुरक्षित किया। वालेंटियर सहित पुलिस प्रशासन बार-बार भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहेलेकिन भीड़ पर काबू पाना संभव नहीं दिख रहा था। अंतत: अनियंत्रित भीड़ को नियंत्रित करने का वीणा स्वयं विधायक ने उठाया। उनकी अपील पर न सिर्फ कुछ देर के लिए नियंत्रित हुईबल्कि उनके सम्मान में स्वयं भी वालेंटियर्स बन गयी।

बाबा रामदेव और शिल्पा शेट्टी ने किया योगा, फोटोज का ऐसे उड़ा मजाक


मुंबई. बुधवार को हुए एक शिविर में बाबा रामदेव और शिल्पा शेट्टी ने एक साथ योगा किया। भले ही दोनों ने यहां लोगों को योगा के गुर सिखाए, पर सोशल मीडिया में उनकी फोटोज शेयर कर काफी मजाक उड़ाया जा रहा है।

मेकओवर के बाद ऐसा दिखने लगा 85 साल का बुजुर्ग किसान

जरा इस फोटो को देखिए। ऐसा लग रहा है मानो ये बुजुर्ग शख्स कोई फैशन आइकॉन हो। लेकिन आपको जानकर हैरत होगी कि ये कोई मॉडल नहीं, बल्कि चीन के फुजिआन प्रांत के रहने वाले एक 85 साल के किसान हैं।

Source - bhasker

ओडिशा: खुद को इराकी बताने वाले चार लोग लापता, हाईअलर्ट जारी

भुवनेश्वर. दिल्ली रजिस्ट्रेशन वाली कार से आए चार लोगों के अचानक लापता होने के बाद ओडिशा हाई अलर्ट पर है।  ये चारों लोग सोमवार देर रात भुवनेश्वर के एक होटल में पहुंचे थे। जब होटल स्टाफ ने इनसे आईडेंटिटी प्रूफ मांगे तो ये लोग वहां से भाग गए। 

जिस कार में आए उसका क्या हूआ....

- राज्य के डीजीपी केबी. सिंह ने खुद इन लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। 

- सिंह ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि लापता हुए चारों लोग जिस कार में आए थे, उस पर दिल्ली का नंबर था। जांच में यह नंबर भी फर्जी साबित हुआ। 

- सिंह ने कहा कि सोमवार देर रात जैसे ही यह लोग होटल आर्य महल पहुंचे। तो स्टाफ ने आईडेंटिटी प्रूफ मांगा। इन लोगों ने स्टाफ से बहस की और वहां से भाग गए। 

- होटल स्टाफ ने पुलिस को इन्फॉर्म किया लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही यह लोग निकल चुके थे। 

- हालात को देखते हुए पुलिस ने आईजी की अगुवाई में एक एसआईटी बना दी है। 

होटल मैनेजर ने क्या कहा? 

 

- होटल मैनेजर शिव नारायण महापात्र ने बताया कि चार में से केवल एक आदमी रिसेप्शन डेस्क पर आया था। बाकी तीन लोग कार में ही बैठे रहे। सीसीटीवी में इनकी फुटेज रिकॉर्ड है। 

- बताया जाता है कि जो आदमी स्टाफ से बात कर रहा था, उसे हिंदी और अंग्रेजी आती थी। 

पुलिस भी वहां मौजूद थी

- कुछ दूसरी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जिस वक्त यह लोग होटल पहुंचे, तब वहां एक पुलिस इन्सपेक्टर भी मौजूद था। 

- उसने भी इन लोगों से आईडेंटिटी प्रूफ या पासपोर्ट दिखाने को कहा। इन लोगों ने पांच हजार रुपए में दो रूम बुक कर लिए थे। 

- इन्सपेक्टर ने जैसे ही प्रूफ मांगे तो उस आदमी ने कहा, कार से निकालकर देता हूं। इसके बाद वह बाहर निकला और चारों कार में बैठकर फरार हो गए। 

- कार का नंबर DL4C9645 था। ये जांच में फर्जी निकला
Source - bhasker

What's in a Republic Day Parade?



The Republic Day marks the day when India's constitution came into force on January 26, 1950 declaring India a democratic Republic.

The grand spectacle of men in crisp uniforms and strict military discipline marching across the Rajpath on the Republic Day inspires patriotic fervour across the nation on January 26.

'खास लोगों' की परंपरा फिर दिखी 'पद्म' पुरस्कारों में



नई दिल्ली : 112 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों का एलान हो चुका है. 10 हस्तियों को पद्म विभूषण, 19 को पद्म भूषण तथा 83 हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार दिया जाएगा. पद्म पुरस्कारों को लेकर एक जो बड़ी बात सामने आई है वो ये कि पुरानी परंपरा को ही मोदी सरकार ने आगे बढ़ाया है. जिन्होंने मोदी को खुश किया उनको मोदी ने खुश किया.

मोदी सरकार ने भी अपने करीबियों को ही पद्म पुरस्कारों के लिए चुना है. सब जानते हैं कि देश के नामी उद्योगपति मुकेश अंबानी पीएम मोदी के करीबी हैं. इस बार मुकेश अंबानी के पिता

67वां गणतंत्र दिवस : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमर जवान ज्योति पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि


अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी...

नई दिल्‍ली: देश आज 67वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ अमर जवान ज्योति पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजली दी।

आज ही के दिन 1950 में देश ने मौजूदा संविधान को अपनाया था और तब से लेकर आज तक हम इस दिन को गणतंत्र दिवस के तौर पर मना रहे हैं। आज राजपथ पर भारत की संस्कृति के रंग और रक्षा क्षेत्र की ताकत का दुनिया के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि फ़्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद हैं। इसके अलावा इस बार परेड में फ्रांस की एक टुकड़ी भी मार्च पास्ट करेगी। यह पहला मौका है जब किसी दूसरे देश की टुकड़ी राजपथ पर मार्चपास्ट करेगी।

इस बार गणतंत्र दिवस परेड में ये है ख़ास


भारत मंगलवार को अपना 67वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और प्रदेशों की राजधानियों में कड़ी सुरक्षा के बीच समारोहों का आयोजन किया गया है.

GOVT. EMPLOYEE - ORDER & CIRCULARS: Admissibility of Travelling Allowance (TA) and oth...

GOVT. EMPLOYEE - ORDER & CIRCULARS: Admissibility of Travelling Allowance (TA) and oth...: No.T-25014/1/2016-TRG(ISTM Section) Government of India Ministry Of Personnel, Public Grievances and Pensions Department of Personne...

Will 2016 be beneficial for mutual funds?


Will 2016 be beneficial for mutual funds?

The year 2015 was historical for the mutual fund (MF) industry. The industry saw stellar inflow totalling almost Rs 75,000 crore thereby effectively counter-balancing the sell-off from foreign institutional investors.

The year 2015 belonged to small and mid-cap funds clearly outperforming the large caps. So, to which category will 2016 belong to?

MARKET ENVIRONMENT: 

Year 2016 started on a weak note with the benchmark Sensex tumbling 8.5 per cent so far to fall below the 24,000-mark for the first

Wishlist for the Budget 2016

Here's what experts and taxpayers want from finance minister Arun Jaitley's third budget

Amajority of taxpayers want Finance Minister Arun Jaitley to raise the basic exemption limit as also the tax deduction under Section 80C.

More than half the 829 respondents to an online survey conducted last fortnight wanted the basic exemption limit to be raised to Rs 3 lakh. Another 43% wanted the limit to be linked to inflation and automatically raised every year. Only 5% of the respondents said the basic exemption and tax deduction limit should be kept unchanged. Taxpayers are divided over what kind of budget they

झारखंड में फहराया गया है भारत का राष्ट्रीय ध्वज अब तक सबसे उच्च झन्डा

Vijay Singh's photo.

PM addresses India-France Business Summit in Chandigarh. 16 Agreements exchanged

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, addressed the India-France Business Summit in Chandigarh today. 

The Prime Minister appreciated France for the manner in which it coordinated the CoP 21 negotiations. He recalled that President Hollande had spoken to him over phone and had shared the outline of the proposed agreement, shortly before it was announced. 

स्वर्ण मुद्रीकरण योजना में संशोधन

सरकार ने 5 नवंबर, 2015 को स्वर्ण मुद्रीकरण योजना (जीएमएस) का शुभारंभ किया था। इसके बाद इस योजना को सरल बनाने के लिए कई सुझाव प्राप्त हुए हैं जिससे कि ग्राहक इसमें भागीदारी कर सकें। इसी के अनुरूप, सरकार के परामर्श से भारतीय रिजर्व बैंक ने 21 जनवरी, 2016 को जीएमएस पर एक मास्टर डायरेक्शन जारी किया जो जीएमएस पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 22 अक्टूबर, 2015 को जारी मास्टर डायरेक्शन को संशोधित करता है। इस योजना में किए गए परिवर्तन इस प्रकार हैं: 

1) मझोली एवं दीर्घकालिक अवधि सरकारी जमाओं (एमएलटीजीडी) के तहत अपरिपक्व मोचन (रिडेम्प्शन): किसी भी मझोली अवधि के जमा को तीन वर्ष के बाद निकासी की अनुमति दी जाएगी जबकि दीर्घकालिक अवधि के जमाओं को पांच वर्ष के बाद निकासी की अनुमति दी जाएगी। ये अदा किए जाने वाले ब्याज में कटौती के विषय होंगे। 

दिल्ली के लाल किले पर 26 से 29 जनवरी 2016 तक होगा ‘भारत पर्व’ का आयोजन

कार्यक्रम के लिए पर्यटन मंत्रालय को चुना गया है नोडल (प्रधान) मंत्रालय
भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के भाग के रूप में 26 से 29 जनवरी 2016 तक दिल्ली के लाल किले पर ‘भारत पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य देशभक्ति की भावना पैदा करना, देश की संपन्न सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहन और आम जनता की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

Greek islanders to be nominated for Nobel Peace Prize

Greek islanders who have been on the frontline of the refugee crisis are to be nominated for the Nobel Peace Prize with the support of their national government.

Of the 9,00,000 refugees who entered Europe last year, most were received — scared, soaked and travelling in rickety boats — by those who live on the Greek islands in the Aegean Sea.

The islanders, including fishermen who gave up their work to rescue people from the sea, are in line to be honoured with one of the world’s most esteemed awards. Eminent academics from the universities of Oxford, Princeton, Harvard, Cornell and Copenhagen are drafting a submission in favour of awarding the prize to the people of Lesbos, Kos, Chíos, Samos, Rhodes and Leros.

The nomination deadline is February 1, but those behind the plan have already met the Greek Minister for Migration, Yiannis Mouzalas, who they say has offered his government’s full support. A petition on the website of the grassroots campaign group, Avaaz, in favour of the nomination has amassed 2,80,000 signatures. According to the petition: “On remote Greek islands, grandmothers have sung terrified little babies to sleep, while teachers, pensioners and students have spent months offering food, shelter, clothing and comfort to refugees who have risked their lives to flee war and terror.”

While the official nomination letter is yet to be finalised, it is understood the academics, whose identities will be revealed in the coming days, will implore the Nobel committee members to accept their nomination.

They will say it must be noted that a people of a country already dealing with its own economic crisis responded to the unfolding tragedy of the refugee crisis with “empathy and self-sacrifice”, opening their homes to the dispossessed, risking their lives to save others and taking care of the sick and injured.

Only individuals or organisations are eligible to win the prize. 

Source - THE Hindu & Guardian

Punjab SP Salwinder Singh’s friend to undergo polygraph test Updated: January

 After conducting a lie detector test on senior Punjab police officer Salwinder Singh, the National Investigation Agency (NIA) will now subject two others, including his friend, who were kidnapped with him by terrorists before they attacked the Pathankot airbase, to the test.

Besides, the caretaker of a shrine Mr. Singh claimed to have visited before the incident will also be subjected to polygraph test.

The NIA sources said after the name of Mr. Singh was cleared; scientific tests on his friend Rajesh Verma, cook Madan Gopal and Somraj, caretaker of ‘Panj Peer Dargah’, would be conducted this week.

Mr. Singh, who was questioned about the sequence of events ahead of the terror strike and subjected to various tests, may be called again if something new emerged from the polygraph examination of the other three.

While Mr. Verma was left on the road with a slit throat on the intervening night of December 31 and January 1, Mr. Gopal and Mr. Singh, an SP-rank officer, were released some distance away before the terrorists left to attack the airbase.

Source - the Hindu

Swiss keen on greater cooperation in black money fight: Jaitley

Finance Minister Arun Jaitley speaking at the World Economic Forum in Davos, Switzerland on Saturday. Switzerland is “extremely keen” on greater cooperation in India’s fight against suspected black money stashed in Swiss banks and is putting in place a new law on automatic information exchange that will take about a year to come into force, he has said. | AP

Says new law on automatic information exchange will take about a year to come into force.

Switzerland is “extremely keen” on greater cooperation in India’s fight against suspected black money stashed in Swiss banks and is putting in place a new law on automatic information exchange that will take about a year to come into force, Finance Minister Arun Jaitley has said.

Till the time the new law comes into force, the Swiss government will continue to provide account details as per the evidence provided by the Indian authorities under an existing arrangement, he added.

Mr. Jaitley, who held a bilateral meeting with Swiss Finance Minister Ueli Maurer during his visit here for the WEF Annual Meeting, said they discussed various issues of mutual concern and Switzerland was very keen on greater cooperation in the fight against black money.

Part of the global efforts

“Swiss are extremely keen on this. They are part of the global efforts against unaccounted money,” Mr. Jaitley told PTI here in an interview.

“They are in the process of framing a new legislation on international cooperation. They say it will take one year. Till that time, the arrangement entered between India and Switzerland in October 2014 will continue,” he said.

Taking cooperation to a good level

Earlier, Mr. Maurer had said Switzerland’s cooperation on tax matters in terms of sharing information on suspected black money cases would continue at “a good level“.

“We have already agreed on more cooperation and this is working well and should continue. We will continue the cooperation at a good level,” Mr. Maurer had said after meeting Mr. Jaitley here.

Mutual administrative assistance

In the past few months, both countries have been working closely on mutual administrative assistance.

Switzerland, in recent months, has disclosed names of more than a dozen Indians about whom information has been sought by the Indian government amid suspicion that their Swiss bank accounts were being used for stashing illicit funds.

Swiss banks, known for their banking secrecy practices, have come under global pressure as countries, including India, are stepping up efforts to crack down on the black money menace.

Source - the Hindu

EMPLOYEE NEWS CENTER: Prashant Kishor appointed policy adviser to CM Nit...

EMPLOYEE NEWS CENTER: Prashant Kishor appointed policy adviser to CM Nit...: Prashant Kishor, who played a crucial role in steering the electoral campaign of Chief Minister Nitish Kumar during the 2015 Assembly elec...




Declassified Netaji files: Centre rejected probe reports twice, to assert ‘Bose dead’



PM paying tribute to Netaji at the release of the digital declassified files, at National Archives, Delhi. PTI

While the mystery over the death of Subhas Chandra Bose persists, the declassified Netaji files released online by the government on Saturday show that the Central government had made up its mind on the matter over two decades ago.

Rejecting the findings of a committee that probed the disappearance of the freedom fighter, a Union Cabinet note of February

NAI to release 25 declassified Netaji files every month



PM Narendra Modi at the National Archives during the launch of the digitised files related to Netaji, in New Delhi on January 23, 2016. (Source: PIB photo)

Prime Minister Narendra Modi on Saturday made public digital copies of 100 secret files relating to Subhash Chandra Bose on his 119th birth anniversary, which could throw some light on the controversy over his death.

The files were declassified and put on digital display at the National Archives of India (NAI) in the capital by the Prime Minister, who pressed a button in the presence of Bose family members and Union Ministers Mahesh Sharma and Babul Supriyo.

Over 80% of engineering graduates in India unemployable: Study

NEW DELHI: There seems to be a significant skill gap in the country as 80% of the engineering graduates are "unemployable," says a report, highlighting the need for an upgraded education and training system.

Educational institutions train millions of youngsters but corporates often complain that they do not get the necessary skill and talent required for a job.

India’s biggest tricolour hoisted on Netaji Subhas Chandra Bose’s birth anniversary

Defence Minister Manohar Parikar on Saturday hoisted the largest tricolour - a massive 99X66 feet - on the country's tallest flagpost at 293 feet here to mark Netaji Subhas Chandra Bose's birth anniversary. Since it is sited on a hill, the tip of the flagpole is almost 500 feet from the ground.

Defence Minister Manohar Parikar on Saturday hoisted the largest tricolour – a massive 99X66 feet – on the country’s tallest flagpost at 293 feet here to mark Netaji Subhas Chandra Bose’s birth anniversary. Since it is sited on a hill, the tip of the flagpole is almost 500 feet from the ground.

Made-in-India heart valves tied in red tape

Patients forced to pay lakhs for imported valves as country’s first medical SEZ has been stuck since 2012 for lack of clearances.

There's many a slip between PM Narendra Modi's pet slogan - Make in India - and harsh reality. A glaring example of this is an ambitious project for the manufacture of lifesaving heart valves. Held up since 2012, the project is mired in a mesh of pending approvals, delayed clearances and lack of financing options.

Every year, Indians suffering from heart valve disease spend crores (see box) on importing expensive replacements from abroad. Many die because they cannot afford the cost.

An indigenously made bioprosthetic valve would make treatment accessible to thousands. It would also make India only the third country to manufacture these valves after the US and Brazil.

But that's not happening yet. Frontier Mediville, India's first SEZ for research in basic medical sciences, is the brainchild of renowned cardiac surgeon Dr K M Cherian.

जब्‍त दाल में से 70% जमाखोरों को ही वापस, आरटीआई का खुलासा


“देश में दालों की जमाखोरी के खिलाफ हुई सरकार की कार्रवाई में एक नई जानकारी सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने दालों के जब्त भंडार में से 70 प्रतिशत उनके मूल मालिकों को ही वापस कर दिया। ”

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में दो अर्जियां दायर कर कार्रवाई के दौरान जब्त भंडार और वापस की गई दाल के साथ-साथ जमाखोरों के खिलाफ दर्ज मामलों के बारे में सूचना मांगी थी।

विभाग ने अपने जवाब में कहा कि चार जनवरी 2016 तक मुम्बई, ठाणे, अमरावती, औरंगाबाद, पुणे, नासिक, काेंकण मंडलों में कुल 123028 टन अरहर दाल और खाद्य तेल जब्त किया गया। जब्त की गई दाल एवं खाद्य तेलों की मात्रा में से 85546 टन यानी करीब 70 प्रतिशत को उन्हीं मालिकों को जारी कर दिया गया। विभाग के उप सचिव एस एस सुपे ने कहा कि विभाग के पास अभी भी 37480.608 टन दाल एवं खाद तेल है

Source - outlook

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