विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट अधिनियम 1967 के 50 वर्ष पूरे होने पर पासपोर्ट सेवा दिवस मनाया

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित


संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने डाक टिकट जारी किया



विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट अधिनियम 1967 के 50 वर्ष पूरे होने पर 5वां पासपोर्ट सेवा दिवस मनाया। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारियों का सम्मेलन 22 से 23 जून, 20-17 को हुआ। 24 जून, 1967 को पासपोर्ट अधिनियम लागू हुआ था। इस अवसर पर आयोजित समारोह को विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज, संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनोज सिन्हा और विदेश राज्य मंत्री श्री वी. के. सिंह और श्री एम. जे. अकबर ने अधिकारियों को संबोधित किया। इस विशेष अवसर पर डाक टिकट जारी किया गया। इस अवसर पर विदेश मंत्रालय, सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, 38 पासपोर्ट अधिकारी और सेवा प्रदाता टीसीएस के अधिकारी उपस्थित थे। सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले पासपोर्ट अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को बेहतर पासपोर्ट और सत्यापन के लिए उत्कृष्टता पुरस्कार दिए गए।

समारोह को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा, “24 जून, 2017 को 5वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर भारत और विदेश में पासपोर्ट जारी करने वाले अधिकारियों का अभिनंदन करते हुए हर्ष हो रहा है। इस वर्ष हम पासपोर्ट अधिनियम की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। विदेश मंत्रालय तथा इसके अधीनस्थ कार्यालय -केंद्रीय पासपोर्ट संगठन- समयबद्ध, आश्वस्त और कारगर रूप से बेहतर पासपोर्ट सेवा प्रदान करने लिए इस आयोजन के पात्र हैं।

पिछले वर्ष बेहतर पासपोर्ट सेवा प्रदान करने के लिए मंत्रालय के नए कदम को एतिहासिक माना जायेगा। हमने न केवल पासपोर्ट नियम को सरल बनाया बल्कि पासपोर्ट सेवाओं को नागरिकों के निकट ले जाने के काम में भी बड़ी छलांग लगाई।

हम डाक विभाग के मुख्य डाक घरों का उपयोग डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) के रूप में करने के लिए डाक विभाग के साथ आएं है ताकि बड़े पैमाने पर अपने नागरिकों को पासपोर्ट सेवा प्रदान की जा सके और अधिक से अधिक क्षेत्र कवर किया जा सके। हम दो चरणों में 235 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करेंगे। पहले चरण में 86 और दूसरे चरण में 194 केंद्र बनेंगे। पहले चरण के 52 पीओपीएसके का चालू होना खुशी की बात है। पासपोर्ट पोर्टल के जरिये पासपोर्ट के ऑनलाइन आवेदन करने वालों को समय लेना होगा और निर्धारित डाक घर पासपोर्ट सेवा केंद्र में जाकर पासपोर्ट सेवा केंद्र की तरह ही औपचारिकता पूरी करनी होगी। हम पासपोर्ट बनाने के लिए लोगों के जाने की दूरी कम करने में सफल हुए हैं।

कार्य को सफल बनाने के अभियान के हिस्से के रूप में हमने जन्मतिथि के साक्ष्य के रूप में अनेक नए दस्तावेजों को मंजूरी दी है और पासपोर्ट नियम में शामिल अनेक अनुलग्नकों को खत्म किया है। हमारा प्रयास आने वाले दिनों में सुशासन, कारगर, पारदर्शी, दायित्व पूर्ण सेवा करने का होगा।

मैं आपसे सरकार के न्यनतम सरकार, अधिकतम शासन के सिद्धांत के प्रति समर्पण का अनुरूध करती हूं।

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