बाल कटने के रहस्य से उठ गया पर्दा, तो क्या चोटी के पीछे ये था?



चोटी कटने का राज आखिरकार सामने आ गया है। दो महिलाओं का केश कटकर गिरने से बाल कटवा के रहस्य से पर्दा उठ गया।

कीट विशेषज्ञों ने 99.9 फीसदी संभावना व्यक्त की है कि यह मैकी नामक कीट की करतूत है,जो चाइनीज है। इस कीड़े की ताइवान में बहुतायत है। इसकी पुष्टि के लिए दिन में कटकर गिरे बालों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि बालों का नमूना प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। ताकि अटकलबाजियों पर विराम लग सके।
रहस्यमय तरीके से बाल कटने की अटकलों के बीच परशुरामपुर क्षेत्र में दिन-दोपहर दो महिलाओं का बाल कटने की घटना ने सबको चौंका दिया। काफी हद तक उस रहस्य से भी इन दोनों घटनाओं ने पर्दा उठा दिया कि यह किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा कतई नहीं है। 

इसकी होगी फोरेंसिक जांच 

- फॉरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें माइक्रोस्कोप से बालों का पैटर्न देखा जाएगा। ताकि यह पता चले बाल सीधे काटे गए या तिरछे। अगर सीधे काटे गए तो कैंची या अन्य धारदार यंत्र से काटे गए होंगे। अगर तिरछा कटा तो यह साबित हो जाएगा कि बाल धीरे-धीरे काटे गए। साथ ही महिला के बालों को मैच कराके देखा जाएगा कि बाल उसी महिला के हैं या किसी और के। आवश्यकता पड़ने पर बालों का केमिकल परीक्षण भी कराया जा सकता है। 

बरसाती कीट है मैकी 
शस्य विज्ञानी डा. आरएल सिंह का कहना है कि मैकी नामक बरसाती कीट बालों पर बैठता है। हवा के साथ उड़ते हुए घूमता रहता है। सोते समय महिलाओं के बालों में घुस जाता है और उन्हे डंक मार देता है, जिससे महिलाओं का चक्कर आने के कारण वह कुछ देर के लिये बेसुध हो जाती है और इसी बीच वह बाल काट डालता है।

Source - Amar Ujala

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