At least 85 killed in Indian restaurant explosions

At least 85 people were killed when a cooking gas cylinder blew up in a crowded restaurant in central India on Saturday, triggering a second blast of construction detonators stored illegally nearby, police said.

The explosions tore through the restaurant as people sat down for breakfast during the morning rush hour in the town of Petlawad, about 800 km (500 miles) south of New Delhi, Inspector B.L. Gaur told Reuters.

Gaur said people who had gathered outside the restaurant after the initial blast were caught in a second explosion when gelatin sticks stored in a nearby building caught light, blew up and buried scores of people as the roof caved in.

Mumbai-Ahmedabad bullet train could run via Nashik: CM

NASHIK: Chief minister Devendra Fadnavis, currently on a four-day tour of Japan, has suggested that the proposed bullet train from Ahmedabad to Mumbai should go via Nashik. The Japan International Cooperation Agency (JICA), the funding agency for the project, has agreed to study the proposal. At a seminar on 'Investing in Maharashtra' held in Tokyo on Friday, Fadnavis also spoke of setting up a 'Japan Desk' — a one stop shop in Maharashtra for all Japanese companies. 

'CM Devendra Fadnavis proposed that the bullet train from Ahmedabad to Mumbai should go via Nashik, to which JICA agreed,' read a tweet about the proposal, as carried by the chief minister's office (CMO) on its official page at 10.09 am on Friday. There were warm reactions from citizens although some expressed reservations, saying the money could be better spent on developmental projects in the state. 

हिंदी सम्मेलनः मोदी के भाषण पर हुई चर्चा, अंग्रेजी के 56 शब्द बोलने पर उठे सवाल

विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
भोेपाल (मध्य प्रदेश). दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन के दूसरे दिन सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पीच पर हुई। बहस भाषा की शुद्धता पर होनी थी, लेकिन किसने क्या कहा, क्या हुआ, इन्हीं सवालों पर चर्चा होती रही। बात शुरू हुई मीडिया में अंग्रेजी के शब्दों के इस्तेमाल पर। सत्र की अध्यक्षता कर रहीं मृणाल पांडे ने सीधे आयोजन पर ही सवाल उठा दिया। वरिष्ठ पत्रकार आेम थानवी ने कहा कि एयरपोर्ट से सम्मेलन स्थल आने तक सिर्फ नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान के पोस्टर लगे हैं। यहां से हिंदी तो गायब है। उन्होंने कहा कि मोदीजी नेे कल के भाषण में अंग्रेजी के 56 शब्दों का इस्तेमाल किया। 
किसने क्या कहा?
थानवी ने कहा कि यहां तो भाषा की शुद्धता के बहाने पूरी शुद्धता का दौर चल रहा है। उनका इशारा विचारधारा को लेकर था।
* साहित्यकार दीपक शर्मा ने थानवी से कहा कि यदि मोदीजी ने 56 शब्द अंग्रेजी के कहे तो इसमें 32 शब्दों के हिंदी अर्थ भी बताए। आप खुद को भी देख लीजिए। आपके पास तो एंकर और माउस जैसे शब्दों के लिए कोई हिंदी शब्द ही नहीं है।
* थानवी ने कहा कि मोदी के भाषण से ज्यादा बेहतर सुषमा स्वराज का भाषण था। उन्होंने अंग्रेजी के शब्दों का प्रयोग नहीं किया। इसमें अच्छे शब्दों को प्रचलन में लाना चाहिये। हम अंग्रेजी शब्दों का उपयोग कर सोचते हैं कि आधुनिक हो रहे हैं। यह धारणा हमें खत्म करनी होगी।
* नरेंद्र कोहली ने अंग्रेजी के वर्चस्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश और भाषा एक-दूसरे से जुड़े हैं। भाषा देश को ताकत देती है और देश भाषा को। पुर्तगाल में जब माउस पहुंचा तो उन्होंने उसे रोटो नाम दिया। हमारे यहां उसी नाम से उसे प्रचलित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आज शुद्ध हिंदी लिखने और बोलने वालों के संरक्षण की जरूरत महसूस होने लगी है।
* पत्रकार राहुल देव ने कहा, "मैं अंग्रेजी पत्रकारिता छोड़कर हिंदी पत्रकारिता में आया और अब इसका खूब आनंद ले रहा हूं। मातृभाषा में काम करने का ज्यादा आनंद है।" उन्होंने कहा कि भाषा की शुद्धता की जगह स्वच्छता जरूरी है। हिंदी और उर्दू सहोदरी हैं। लोग हिंदी में बोलने में लज्जा महसूस करते हैं।
वीके सिंह के बयान पर उठाया सवाल
मृणाल पांडे ने विषय से हटकर कहा कि यहां साहित्य और भाषा को अलग-अलग रखकर जो माहौल बनाया गया है, उससे मैं आहत हूं। साहित्य और भाषा अलग कैसे हो सकते हैं? उन्होंने कहा, "साहित्य ने ही भाषा को आगे बढ़ाया है। मैं भोपाल में रही हूं। जानती हूं कि यहां साहित्य का कितना सम्मान है। मुझे मीडिया से ही यह जानकारी मिली थी कि आयोजकों में से किसी ने साहित्यकारों के लिए गलत शब्द इस्तेमाल किए। वे भूल गए कि सम्मेलन स्थल में ही साहित्यकारों के बड़े-बड़े चित्र लगे हैं। साहित्यकारों को भी बुला लेते तो क्या बिगड़ जाता?" इसके तुरंत बाद ओम थानवी ने भी उनके सुर में सुर मिलाए। सत्र में भाषणों के बाद प्रश्नोत्तर का दौर शुरू होते ही संस्था प्रज्ञा प्रवाह के सदस्य दीपक शर्मा ने मृणाल पांडे से कहा कि यदि आपको साहित्यकारों को बुलाने के बारे में कोई शिकायत थी तो आपको इस बारे में आयोजकों से बात करना चाहिए थी। सत्र की अध्यक्षता करते हुए अापका ऐसा कहना ठीक नहीं है। बता दें कि विदेश राज्य मंत्री जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह ने कथित तौर पर कहा था कि कई साहित्यकार केवल खाने-पीने के लिए आते हैं।
SOURCE - BHASKER

2006 मुंबई ट्रेन धमाके : 9 साल बाद आया फैसला, 12 लोग दोषी करार, एक बरी


मुंबई: 2006 मुंबई रेल धमाकों मे 9 साल बाद आए फैसले में 13 आरोपियों में से 12 लोगों को दोषी करार दिया गया है, जबकि एक आरोपी अब्दुल वाहिद को बरी कर दिया गया है। सजा पर सोमवार को सुनवाई शुरू होने की संभावना है।

आज दोषी ठहराए गए 12 आरोपियों में कमाल अहमद अंसारी (37), तनवीर अहमद अंसारी (37), मोहम्मद फैसल शेख (36), एहतशाम सिद्दीकी (30), मोहम्मद मजीद शफी (32), शेख आलम शेख (41), मोहम्मद साजिद अंसारी (34), मुजम्मिल आलम शेख (27), सुहैल महमूद शेख (43), जमीर अहमद शेख (36), नवीद हुसैन खान (30) और आसिफ खान (38) शामिल हैं। हालांकि आजम चीमा और 14 अन्य मामले में अभी फरार हैं ।

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